मस्जिद में मौलवी ने किया बच्ची का बलात्कार, पर नामी मीडिया संस्थान मस्जिद को धार्मिक स्थल बता भ्रम फैला रहे हैं

2 जून को दिल्ली के हर्ष विहार की एक मस्जिद में बलात्कार की एक बेहद घिनोनी घटना सामने आई, मस्जिद के मौलवी ने 12 साल की एक बच्ची जो की मस्जिद में पानी लेने आई थी, उसका बलात्कार किया था। मोहम्मद इलियास नाम के मौलवी ने हर्ष विहार स्थित मस्जिद में 12 साल की एक बच्ची का बलात्कार किया। बच्ची मस्जिद में पानी भरने के लिए आई थी, मोहम्मद इलियास ने उसे डरा धमका कर उसके साथ बलात्कार किया फिर उसे जान से मारने की धमकी दी कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा।

 बच्ची ने घर जाकर अपने परिजनों को सब कुछ बता दिया जिसके बाद मोहल्ले के लोग मस्जिद के बाहर इकट्ठे हुए, लोगों को इकट्ठा देख मोहम्मद इलियास मस्जिद के पिछले दरवाजे से फरार हो गया। हालांकि पुलिस ने मोहम्मद इलियास को गाजियाबाद के लोनी से गिरफ्तार कर लिया है, परंतु इस संदर्भ में जिस प्रकार हमारे देश की नामी मीडिया संस्थानों ने भ्रम फैलाने की कोशिश की है वह बेहद चिंताजनक है।

 अभी कुछ दिनों पहले डासना के एक मंदिर में एक मुस्लिम को थप्पड़ मार दिया गया था तो उस घटना को हमारे देश की नामी-गिरामी मीडिया संस्थानो ने बढ़ा चढ़ाकर पेश किया था। पर इस घटना में सभी मीडिया संस्थान “मस्जिद” कहने से कतरा रहे हैं। मस्जिद को धार्मिक स्थल बता रहे हैं और मौलवी जिसने मस्जिद के अंदर बलात्कार किया उसकी भी पहचान छुपाने की कोशिश की जा रही है।

 यह बेहद ही गंभीर और चिंताजनक संकेत हैं कि हमारे देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थान जिनमें एनडीटीवी, अमर उजाला, दैनिक भास्कर जैसे संस्थान शामिल हैं, किस प्रकार से इस्लामिक एजेंडे को आगे रखते हुए खबरों को तोड़ मरोड़ कर पेश करते हैं।

एनडीटीवी के लिए ये सब कोई नई बात नहीं है, एनडीटीवी बहुत लंबे समय से इस प्रकार की ओछी हरकतें करता रहा है। पर इस बार दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर और अमर उजाला ने भी पत्रकारिता को इस्लामिक एजेंडे की भेंट चढ़ा दिया। तीनों मीडिया संस्थानों ने अपनी अखबारों में हेड लाइन में मस्जिद के स्थान पर धार्मिक स्थल लिखा है और 12 साल की बच्ची जो की नाबालिग है उसकी जगह किशोरी लिखा है।

 आपको याद होगा कुछ वर्षों पहले कश्मीर के कठुआ रेप  पर कैसे इन्हीं मीडिया संस्थानों ने एजेंडा चलाया था और हिंदू धर्म और मंदिरों के ऊपर किस प्रकार कीचड़ उछाला था। परंतु बात जब अन्य धर्मों की आती है तो ये उस पर पर्दा डालने लगते हैं।

 “नई दुनिया” ने तो हद ही पार कर दी, उसने मौलवी को तांत्रिक बताते हुए हेडिंग चलाया, तांत्रिक बताने से हिंदू बदनाम होते हैं और इस प्रकार की गलत हैडिगं से भ्रम पैदा होता है कि यह घटना किसी मस्जिद के नहीं, बल्कि किसी मंदिर की हो। यह सब एक षड्यंत्र का हिस्सा नजर आते हैं। 

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