यूपी के जौनपुर में सांप्रदायिक हिंसा में मुस्लिम समुदाय ने जलाए दलितों के घर

9 जून को उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से दलितों पर हमले की एक बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सराय ख्वाजा क्षेत्र के भदेठी गांव में मुस्लिमों और दलितों में आम तोड़ने को लेकर विवाद शुरू हुआ। एक छोटी सी बात पर शुरू हुआ विवाद इतना भयंकर हो गया  कि मुस्लिम समुदाय ने दलितों के गांव में आग लगा दी और जमकर उत्पात मचाया। गांव में खड़े वाहनों को और पशुओं को जलाकर राख कर दिया गया, इतना ही नहीं इस विवाद मे हवाई फायरिंग की घटनाएं भी हुई ।

 दलितों के खिलाफ इस हिंसा में 10 दलित परिवारों के घर जला दिए गए। पुलिस ने दलित समुदाय द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर 57 लोगों पर एफ आई आर दर्ज की है, जिनमें से 37 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

 पुलिस के अनुसार मुस्लिम और दलित युवकों के बीच पशुओं को चराने पर बहस हुई और उसके बाद विवाद भड़क उठा। पिछले मंगलवार को शाम के समय कुछ दलित और मुस्लिम लड़के भैंसे और बकरियां चरा रहे थे, उसी दौरान उनके बीच कहासुनी हो गई। गांव के सरपंच के हस्तक्षेप के बाद मामले को शांत कराया गया पर उसके बाद मामला दोबारा भड़का और मुस्लिम समुदाय के लड़के दलितों की बस्ती में घुस गए, जहां एक दलित युवक ने मुस्लिम युवक को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद तो दोनों पक्षों के बीच में पत्थरबाजी शुरू हो गई और हथियारों के इस्तेमाल और हवाई फायर की घटनाओं के भी आरोप लगाए गए हैं। बाद में मुस्लिम पक्ष के लोगों ने दलितों के घरों में आग लगा दी। दलित परिवारों ने पुलिस को दी शिकायत में यह कहा है कि विवाद तब शुरू हुआ जब मुस्लिम लड़कों ने उन्हें जातिसूचक अपशब्द कहे। 

एक शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उन्होंने मुस्लिम लड़कों को रोका तो उन्होंने उसके भाई को मारना पीटना शुरू कर दिया और जब उनके घर के सदस्य इस संबंध में मुस्लिम लड़कों के घर बात करने गए तो उन्हें भी वहां पर जातिसूचक अपशब्द कहे गए। शाम 6:00 बजे मुस्लिम समुदाय के 57 जाने पहचाने और कुछ 20- 25 अपरिचित लोग हथियारों के साथ बस्ती में आ गए और दलितों को जान से मारने की धमकी देने लगे उसके बाद मुस्लिमों ने 10 घरों में आग लगा दी।

इस मामले में पुलिस ने आरोपियों पर दंगा भड़काने, हत्या की साजिश और शांति भंग करने के केस दर्ज किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों के खिलाफ रासुका और गैंगस्टर एट लगाने का भी आदेश किया है ।

जौनपुर में दलितों के खिलाफ हिंसा का मुख्य आरोपी जावेद सिद्धकी है जो पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बेहद करीबी है

बेहद आश्चर्य की बात है कि भीम मीम के नारे लगाने वाले कुछ दलित प्रेमी संस्थान और खुद को दलितों का मसीहा बताने वाले चंद्रशेखर रावण जैसे लोग इस घटना पर मौन हैं क्योंकि यह घटना मुस्लिमों द्वारा की गई है अतः उन्होंने चुप्पी साध रखी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *