शाकिब ने झूठी हिंदू पहचान बना पंजाब की लड़की को फंसाया और कत्ल कर दिया

मेरठ पुलिस ने एक रहस्यमयी मामले को सुलझाने का दावा किया है जहाँ पिछले साल जून में मेरठ के दौराला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में पड़ने वाले लोहिया गाँव के एक गन्ने के खेत में एक अज्ञात लड़की का विघटित, क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया था। पुलिस का दावा है कि बी-कॉम की छात्रा पंजाब के लुधियाना की रहने वाली है, जो मेरठ के रहने वाले शाकिब नाम के लड़के के साथ रहती थी। शाकिब ने हिंदू के रूप में अपनी पहचान बनाके लड़की के साथ दोस्ती की। उसने खुद को लड़की के सामने अमन के रूप में पेश किया था। उसके जाल में फंसकर लड़की अपने घर से 25 लाख रुपये के गहने लेकर शाकिब के साथ भाग गई।

मेरठ पहुंचने पर, शाकिब ने अपनी पहचान का खुलासा किया, जिसके बाद लड़की ने नाराजगी जताई। जिसके बाद शाकिब ने लड़की को मार डाला। उसके एक हाथ को छीलने और काटने के बाद, शाकिब ने शव को एक गन्ने के खेत में गाड़ दिया। उसके बाद वह लड़की की ज्वैलरी लेकर भाग गया। पुलिस ने कहा कि उन्होंने मुख्य आरोपी और अपराध में लिप्त तीन-चार अन्य युवकों को गिरफ्तार किया है।

दौराला पुलिस ने पुष्टि की कि शाकिब ने अपनी हिंदू पहचान बनाने के बाद एकता से दोस्ती की। वे मई 2019 में लुधियाना से चले गए और दौराला में किराए के अपार्टमेंट में रहने लगे। लगभग एक महीने तक वहां रहने के बाद, शाकिब उर्फ ​​अमन एकता को ईद पर अपने घर ले गया। जैसे ही एकता शाकिब के घर पहुंची तो उसे समझ में आया कि शाकिब ने झूठी हिंदू पहचान बनाकर उसे फंसा लिया है। इस पर दोनों में बहस हुई।

ईद की रात, शाकिब ने एकता को नशीला कोल्ड ड्रिंक को पिलाया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। फिर शाकिब उसे पास के गन्ने के खेत में ले गया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। अपनी पहचान छुपाने के लिए उसने उसका सिर काट दिया और उसका एक हाथ काट दिया। उसने लड़की के शरीर के अंगों को कहीं और फेंक दिया और शेष धड़ को सबी अहमद के गन्ने के खेत में गाड़ दिया।

अब यह पता चला है कि हत्या में कम से कम छह लोग शामिल थे। शाकिब के अलावा मुशर्रत, मुस्तकीम, रेशमा, इस्मत और अयान पर हत्या में शामिल होने का आरोप है। मुख्य आरोपी शाकिब ने लुधियाना में एक तांत्रिक के रूप में काम किया और यह संदेह है कि पीड़िता उससे तब मिली थी जब वह स्वास्थ्य से संबंधित परेशानी के साथ उसके पास गई थी।

लड़की के चाचा ने मीडीया को बताया कि एकता एलर्जी से पीड़ित थी, जो शायद उसके शाकिब के पास जाने का कारण हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह भी हो सकता है कि शाकिब ने एकता को लुधियाना बस स्टैंड के पास किसी कार्यक्रम के दौरान स्पॉट किया हो जहाँ वह काम करता था वहीं से और शाकिब ने एकता पर नज़र रखना शुरू कर दिया हो। उसकी माँ ने कहा कि जब परिवार को उनके रिश्ते के बारे में पता चला, तो उन्होंने शाकिब को अपने घर पर बुलाया। तब भी, आरोपी ने अपनी कलाई पर कलावा पहना था।

पुलिस को इस केस मे शाकिब के शामिल होने की जानकारी तब हुई जब लॉकडाउन के दौरान घर लौटने के बाद एक रात, नशे की हालत में, उसने अपने दोस्तों को सब कुछ बताया जो उसने किया था। बाद में पुलिस को यह सूचना एक मुखबिर ने दी। पुलिस अब शाकिब के अतीत के बारे में जांच कर रही है।

शाकिब ने हत्या के बाद एकता के सोशल मीडिया खातों का संचालन जारी रखा। उसने खुद एकता के फेसबुक अकाउंट को अपडेट करना जारी रखा और नियमित अंतराल पर व्हाट्सएप पर प्रोफाइल पिक्चर बदल दी। परिणामस्वरूप, सभी को लगा कि एकता जीवित है।

गिरफ्तार होने के बाद, शाकिब ने कैद से भागने का प्रयास किया। उसने एक कांस्टेबल की पिस्तौल छीन ली थी और भागने की कोशिश की थी। इस दौरान एक पुलिस कांस्टेबल घायल हो गया था और शाकिब भागने की कोशिश के दौरान खुद को गोली मार ली थी। फिलहाल उसका इलाज एक अस्पताल में चल रहा है। उसकी भाभी रेशमा और इस्मत दोनों को जिला जेल भेज दिया गया है। इस बीच, मुशर्रत, अयान और मुस्तकीम वर्तमान में क्वारेनटाईन में हैं और आवश्यक अवधि पूरी होने पर उन्हें जेल भेज दिया जाएगा।

पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या का हथियार और एकता का फोन बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार, रेशमा ने ही एकता के कपड़े उतार दिए थे। उसके बाद, सभी ने उसकी पहचान को छिपाने के लिए उसके शरीर को कई हिस्सों में काट दिया। पुलिस ने बताया कि शाकिब ने एकता का हाथ काट दिया क्योंकि उस पर उसके नाम का टैटू था। हाथ, पैर और सिर को एक तालाब में फेंक दिया गया था और धड़ को नमक के साथ दफनाया गया था ताकि यह तेजी से विघटित हो जाए।

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