पत्रकारों के भेष में कुछ हठधर्मी फैला रहें हैं झूठी खबरें

जब पूरा विश्व कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है, विश्व के बड़े- बड़े विकसित देश जैसे चीन, इटली, अमेरिका, स्पेन और इंग्लैंड भी इस बीमारी को रोकने में लगभग असमर्थ नजर आ रहे हैं। ऐसे में अब तक भारत ही एक ऐसा देश नजर आ रहा है जो इस बीमारी को काफी हद तक रोकने में कामयाब दिख रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के लॉक डाउन के निर्णय का काफी महत्त्व है इसमें। हालांकि एक बहुत बड़ी जमात मोदी के खिलाफ है, और उनका कहना है कि लॉक टाउन बिना किसी तैयारी के किया गया। लॉक डाउन के बाद देश में लगभग कोरोना मरीजों की संख्या काफी कम नजर आ रही थी, पर पिछले सप्ताह दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के कई सौ लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भारत में कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या में जबरदस्त उछाल आया। इसके बाद तबलीगी जमात को पूरे भारत में रोष और निंदा का सामना करना पड़ रहा है। परंतु हमारे देश का यह दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि यहां पर एक बहुत बड़ी जमात ऐसे लोगों की भी है जो सही गलत का निर्णय करने की बजाय, गलत करने वाले का धर्म देखकर बात करते हैं। तबलीगी जमात के कई सौ लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद और उनको विभिन्न – विभिन्न स्थानों में क्वॉरेंटाइन में भेजने के बाद कुछ खबर एसी आयीं की मुसलमान समुदाय ने इंदौर में स्वास्थ्य कर्मियों पर पत्थरबाजी की। पत्थरबाजी की कुछ घटनाओं की खबरें मुंबई से भी आई, जहां पर मुस्लिम समुदाय ने पुलिसकर्मियों और स्वास्थ्य कर्मियों को बुरी तरह घायल किया। इसी तरह की एक बेहद शर्मनाक खबर गाजियाबाद से आई थी जहां पर क्वॉरेंटाइन किए गए जमातियों ने इलाज कर रही नर्सों के साथ अश्लील व्यवहार किया, उन पर अश्लील टिप्पणियां की और उनके सामने नग्न घूमने लगे ।

हमारे देश में कुछ इस्लामिक हठधर्मी पत्रकारों के चोले पहने भी घूम रहे हैं, इनमें से कुछ है सबा नकवी और अली सोहराब। ये कुछ ऐसे धूर्त पत्रकार हैं जो तथ्यों को झुठलाने का इस हद तक प्रयास करते हैं की झूठी खबरें बनाकर लोगों को गुमराह करने का भरसक प्रयत्न करने लगते हैं। ऐसे ही कुछ कुकृत्य  इन धूर्त पत्रकारों ने अभी हाल में ही किए हैं।

तबलीगी जमात के कुकृत्य को छुपाने के लिए और उसको सही ठहराने के लिए, खुद को पत्रकार कहने वाले अली सोहराब ने एक झूठी खबर फैलाई की वैष्णो देवी मंदिर में 400 लोग फंसे हुए हैं जिनमें से 145 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जबकि सच यह है कि 18 मार्च के बाद पूरे भारत में सभी हिंदू धार्मिक स्थल बंद कर दिए गए थे। माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भी इस खबर को नकार दिया है, उन्होंने बताया कि कटरा में कोई श्रद्धालु नहीं फंसा हुआ है, यात्रा पहले ही रोकी जा चुकी है।

अली सोहराब की तरह एक और इस्लामिक हठधर्मी पत्रकार सबा नकवी ने भी तबलीगी जमात के कुकृत्य को सही ठहराने के लिए झूठी खबर फैलाई। यह महिला इस हद तक गिर गई इसने मंदिरों की कई साल पुरानी तस्वीरें सोशल मीडिया पर यह कहकर फैलाई कि हिंदू मंदिरों में जा रहे हैं और लॉक डाउन के नियमों का पालन नहीं कर रहे।

 

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