दिल्ली के दंगों के पीछे एक साजिश है, विदेशों से पैसा आया – गृह मंत्री अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राज्य सभा में कहा कि केंद्र को जानकारी मिली है कि दिल्ली हिन्दू विरोधी हिंसा के लिए जो पैसा इस्तेमाल किया गया था वह विदेश और देश के बाकी हिस्सों से आया था और 24 फरवरी से पहले वितरित किया गया था। इस संबंध में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन दंगों के पीछे एक साजिश है।

गृह मंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों के दौरान निजी हथियारों के इस्तेमाल की घटनाएं सामने आई थीं। 49 ऐसे मामले दर्ज किए गए हैं और 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दंगों के दौरान इस्तेमाल किए गए कुल हथियारों में से लगभग सौ हथियार जब्त किए गए थे। गृह मंत्री अमित शाह ने यह भी बताया कि 700 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और साक्ष्य के आधार पर 2,600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

लोकसभा में बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार दिल्ली के हिन्दू विरोधी दगों में 52 लोग मारे गए, 526 लोग घायल हुए, 371 दुकानें जला दी गईं और 142 घर दिल्ली के दंगों के दौरान नष्ट हो गए।

अमित शाह ने गुरुवार को राज्य सभा में कहा कि फेशियल रिकाग्निशन सॉफ्टवेयर (चेहरे की पहचान सॉफ्टवेयर) का उपयोग करके 1,922 दंगाइयों की पहचान की गई है, उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी डेटा का उपयोग सॉफ्टवेयर में किया जा रहा है। चिन्हित लोगों की गिरफ्तारी के लिए 40 से अधिक विशेष टीमें गठित की गई हैं। इसके अलावा, हत्या के 50 गंभीर मामले, धार्मिक स्थलों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों पर हमले – 3 एसआईटी टीमों को सौंपे गए हैं। अमित शाह ने कहा कि जिन लोगों की पहचान की गई है, जिनके नाम, पते और कार नंबर जैसे विवरण सरकार के पास हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

अमित शाह ने राज्य सभा में यह भी बताया कि कॉन्स्टेबल रतन लाल और आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के दोषियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

 

 

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