नूतन – हिन्दी सिनेमा की एक बेहतरीन अदाकारा

चेहरेपे सादगी,काम में ईमानदारी और स्वाभाव में सहजता..1950 के दशक की वो अदाकारा जिनकी मां उन्हें UGLY BABY कहकर बुलाती थी और जिसनें मिस इंडिया का खिताब जीता। 4 जून 1936… इस दिन जन्म हुआ उस अदाकारा का जिनके बारे में कहा जाता था कि इनके सिर्फ संवाद ही नहीं बल्कि इनके चेहरे के हाव-भाव और आंखे भी बातें करती हैं। जी हां ! हम बात कर रहें हैं हिन्दी सिनेमा की अदाकारा नूतन की और आज हम आपको बताने जा रहें हैं उनके बारे में 8 ऐसी बातें जो शायद ही आप जानते हो।

फिल्मी परिवार से ताल्लुख रखने वाली नूतन ने महज 9 साल की उम्र में फिल्म नल दमयंती से बाल कलाकार के रुप में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की और महज 14 साल की उम्र में बतौर हीरोइन फिल्म हमारी बेटी से रुपहले पर्दे पर कदम रखा जिसको उनकी मां शोभना सामर्थ ने निर्देशित किया था।

 

  • नूतन ने अपने फिल्मी करियर में 70 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। यहीं नहीं उनके नाम सबसे ज्यादा सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री, के 5 फिल्मफेयर ऑवर्ड जितने का भी खिताब दर्ज है। जिसे 30 साल बाद उन्हीं की भांजी और बॉलीवुड़ की जानी-मानी अभिनेञी काजोल ने तोड़ा।

 

  • “मैं तुलसी तेरे आंगन की”, “सीमा”, “सुजाता”, “बंदिनी” – ये नूतन के करियर की कुछ ऐसी ऐतिहासिक फिल्में है जिनमें उनकी अदाकारी का लाजवाब नमूना देखने को मिलता है। कहा जाता है कि फिल्म “मैं तुलसी तेरे आंगन की” देखने के बाद जबलपुर में लोग थियेटर से आंसू पोंछते हुये बाहर आये थे।

 

  • नूतन एक उम्दा अदाकारा तो थी हीं, साथ-साथ एक अच्छी गायिक भी थी। उन्होंने अपनी फिल्म “हमारी बेटी” में 1 और 1960 के दशक में आयी फिल्म “छबीली” में 6 गानों में अपनी आवाज दी थी।

  • नूतन ने 1959 में नेवी अफसर रजनीश बहल से शादी की और कुछ समय के अंतराल के बाद फिल्म “बंदिनी” से वापसी की। टी वी और फिल्म जगत के जाने-माने कलाकार मोहनीश बहल नूतन के ही बेटे हैं।

 

  • नूतन को 1989 में ब्रेस्ट कैंसर हुआ जिसकी जंग उन्होंनें बहादुरी से लड़ी और जंग को फतेह भी किया लेकिन 1991 में उन्हें लीवर कैंसर ने फिर अपनी चपेट में ले लिया और इस तरह हिन्दी सिनेमा ने अपनी एक बेहतरीन अदाकारा को खो दिया।

 

  • नूतन के निधन के बाद उनकी दों फिल्में रिलीज हुई, 1992 में “नसीबवाला” और 1994 में “इंसानियत”। फिल्म “इंसानियत” में नूतन के को-स्टार विनोद मेहरा का निधन भी फिल्म की रिलीज से पहले 1990 में हो गया था।

 

  • हिन्दी सिनेमा जगत में नूतन के योगदान के लिये सन् 1974 में उनकों भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया।

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