तीस हजारी कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच हिंसा

दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में कल दोपहर पुलिस और वकीलों के बीच एक मामूली विवाद ने हिंसा का रूप ले लिया, जिसमें 20 पुलिसकर्मी घायल हो गए और एक वकील को गोली लगी।

इस भयानक घटना की शुरुआत तीस हजारी कोर्ट के लॉकअप से हुई, जब एक वकील सुरेंद्र वर्मा को थर्ड बटालियन के पुलिसकर्मी ने अंदर जाने से रोका, इसके बाद काफी कहासुनी हुई और गहमागहमी के बाद विवाद बढ़ता चला गया। बताया जा रहा है कि एक वकील – सुरेंद्र वर्मा को गोली लगी थी जो पुलिस द्वारा चलाई गई थी, पर पुलिस का कहना है कि उन्होंने गोली हवा में चलाई थी।

 इस हिंसक झड़प में पुरानी दिल्ली के कोतवाली के एसएचओ को 10 टांके आए और एक कॉन्स्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया, जो अभी आईसीयू में भर्ती है।  कोर्ट परिसर के सीसीटीवी फुटेज से यह तथ्य सामने आ रहे हैं कि पुलिसवालों पर किस बर्बरता से वकीलों ने हमला किया। पुलिस ने खुद को बचाने के लिए अदालत के लॉकअप की तरह भागकर खुद को अंदर बंद कर लिया। परंतु उग्र वकीलों की भीड़ ने लॉकअप का ताला तोड़ने की कोशिश की और जब वे ताला नहीं तोड़ पाए तो वहां पर आग लगा दी।

हिंसा इतनी बढ़ गई कि पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। उग्र वकीलों ने पुलिस की जीप के साथ-साथ कई वाहनों को आग लगा दी और कोर्ट परिसर में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की ।

ये वकील जो खुद कानून हाथ में ले रहे हैं क्या किसी को न्याय दिलाने के काबिल हैं?

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