इसरो ने विक्रम लैंडर को चंद्रमा की सतह पर ढूंढ लिया है, संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जा रही है

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने विक्रम लैंडर को शनिवार की सुबह दक्षिण ध्रुव पर लैंडिंग के दौरान संपर्क खो देने के बाद रविवार को चंद्रमा की सतह पर ढूंढ लिया है। शनिवार को चंद्रयान -2 के लैंडिंग मॉड्यूल – विक्रम लैंडर का सम्पर्क टूट गया, जब वह चंद्रमा की लैंडिंग सतह से केवल 2 KM दूर था।

 

इसरो के अध्यक्ष ने रविवार को एएनआई से कहा है कि उन्होंने विक्रम लैंडर के स्थान को चंद्रमा की सतह पर देखा है। सिवन ने यह भी कहा कि चंद्रयान 2 के ऑर्बिटर ने विक्रम लैंडर की एक थर्मल इमेज भी क्लिक किया है। जबकि इसरो ने अभी तक लैंडर के साथ कोई संचार स्थापित नहीं किया है, वे अभी ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं। सिवन ने आश्वासन दिया है कि विक्रम के साथ संचार जल्द ही स्थापित किया जाएगा।

समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा इसरो के हवाले से कहा गया है कि चंद्रयान 2 के विक्रम लैंडर का सटीक स्थान देखा गया है, इसरो प्रमुख के. सिवन ने पीटीआई को बताया है कि विक्रम लैंडर का लैंडिंग हार्ड-लैंडिंग रहा होगा। 7 सितंबर को, भारत का पहला चंद्रमा मिशन चंद्रयान 2 अपने विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर के साथ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर एक सोफ्ट-लैंडिंग करने वाला था। हालांकि, टचडाउन से कुछ मिनट पहले, लैंडर के साथ संचार भी खो गया था, जब विक्रम लैंडर चंद्रमा सतह से केवल 2.1 किलोमीटर दूर था।  इसरो प्रमुख ने कहा है कि अगले 14 दिनों में लैंडर के साथ संचार को फिर से स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।

दुर्भाग्य से, जब कि पूरा देश चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर उतरने के लिए भारत के पहले प्रयास की शानदार यात्रा का अनुभव करने के लिए इसरो के साथ खड़ा था, कुछ क्षुद्र व्यक्तियों ने सोशल मीडिया पर अपनी सरासर नकारात्मकता और अहंकार प्रदर्शित करते हुए इसरो का परिहास किया ।
एनडीटीवी के पत्रकार पल्लव बागला ने तो हद कर दी जब उन्होने इसरो में एक वरिष्ठ वैज्ञानिक को बुलाया, जो विक्रम लैंडर के संचार में विफलता के बारे में बताने के लिए मीडिया को संबोधित करने के लिए बाहर आए थे, और पल्लव बागला उनसे बद्तमीजी की ।

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