योगी सरकार ने उन्नाव मामले में CBI जांच के आदेश दिए – देर आए दुरुस्त आए

उन्नाव बलात्कार कांड की पीड़ित के लिए न्याय सुनिश्चित करने के प्रयास के तहत, योगी सरकार ने उन्नाव मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया है। उन्नाव बलात्कार के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को भारतीय जनता पार्टी ने निष्कासित कर दिया है। बलात्कार के आरोपी विधायक – कुलदीप सिंह सेंगर को बर्खास्त करने का फैसला उन्नाव बलात्कार पीड़िता और उसके परिजनों कि सड़क दुर्घटना के बाद पार्टी पर बढ़ते दबाव के बाद आया है।

 

 

पिछले रविवार को उन्नाव बलात्कार कांड की पीड़िता अपनी दो चाची और वकील महेंद्र सिंह के साथ रायबरेली जा रही थी, जब उनके वाहन को एक ट्रक ने टक्कर मार दी। यूपी के लालगंज की ओर विपरीत दिशा में जा रहे एक ट्रक से वाहन टकरा गया। पीड़िता अब अपनी जिंदगी के लिए जूझ रही है।
हादसे में उसके दो चाची मारी गए थीं जबकि उसके वकील को भी गंभीर चोटें आई थीं। महिला के परिवार ने कार दुर्घटना के पीछे “साजिश” का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
2017 के हाई प्रोफाइल बलात्कार मामले में भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर प्रमुख आरोपी हैं। मामला सेंगर द्वारा किए गए एक कथित बलात्कार और पीड़िता को चुप कराने और उसके रिश्तेदारों को डराने-धमकाने, और पुलिस के मामलों में फंसाकर उन्हें धमकाने से जुड़ा है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उन्नाव बलात्कार पीड़ित सड़क दुर्घटना मामले में निलंबित भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 10 अन्य आरोपियों और 20 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक धमकी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इस बीच, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने भी एक हफ्ते के भीतर सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से रिपोर्ट मांगी है कि पीड़िता द्वारा 12 जुलाई का पत्र उसके सामने क्यों नहीं रखा गया। 12 जुलाई 2019 को सीजेआई को लिखे एक पत्र में उन्नाव बलात्कार पीड़िता ने उन धमकियों के बारे में लिखा था जो उसे कथित तौर पर मिल रही थीं।

भारतीय जनता पार्टी को पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को मामला सामने आते ही पार्टी से निष्कासित कर देना चाहिए था ताकी मामले की निष्पक्ष जाँच हो पाती। भारतीय जनता पार्टी से इस मामले में भारी चूक हुई है। फिलहाल यही कह सकते है कि देर आए दुरुस्त आए।

जो लोग जो सत्ता का उपयोग अपनी गलत और कुंठित इच्छाओं की पूर्ति के लिए करते हैं, समाज और देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है।  भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है और यह पूर्व विधायक भारतीय जनता पार्टी का ही था, भारतीय जनता पार्टी की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी पाए जाने पर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि समाज के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके।

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