मुसलमानों का पुरानी दिल्ली के मंदिर पर हमला – गवाहों ने बताया AAP विधायक इमरान हुसैन भीड़ में शामिल थे

1 जुलाई को, चांदनी चौक इलाके में लाल कुआँ में 300-400 लोगों की भीड़ ने दुर्गा माता मंदिर में धावा बोला और मंदिर के अंदर मौजूद मूर्तियों को खंडित कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिन्होंने सोशल मीडिया पर मंदिर के वीडियो सुबह 12 बजे पोस्ट किए थे, मुस्लिम भीड़ ने मंदिर में प्रवेश किया और मुस्लिमों को मंदिर की मूर्तियों को नष्ट करने से रोकने की कोशिश करने के बाद पड़ोस में रहने वाले हिंदुओं को पीटना शुरू कर दिया।

 

हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पार्किंग के कारण हुई झड़प से प्रेरित था। संजीव गुप्ता और आस मोहम्मद की पार्किंग को लेकर झगड़े  के बाद जब इलाके में पार्किंग को लेकर बहस तेज हो गई, तो मुसलमानों ने पथराव शुरू कर दिया। बाद में रात में मुसलमानों की भीड़ ने मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ की। पुलिस ने पुष्टि की है कि इलाके के मुस्लिम युवकों ने मंदिर पर हमला किया।
सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरों और वीडियो से पता चलता है कि मंदिर में मूर्तियों, कांच के शीशे आदि को तोड़ दिया गया था, पर्दे आदि को भीड़ ने जला दिया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में हिंदुओं की आबादी लगभग 5% है, और बाकी 95% मुस्लिम हैं, जिन्होंने निर्दयता से पूरे मंदिर को तोड़ दिया।
चौंकाने वाली बात यह है कि बड़ी संख्या में व्हाट्सएप फॉरवर्ड और समूह बनाए गए थे, जो मुस्लिमों की मौत की खबर को बड़ी संख्या में लोगों को मौके पर इकट्ठा करने के लिए फैला रहे थे।  हिंदुओं के खिलाफ इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हिंसा को बढ़ावा देने की योजना थी।
एक गवाह ने दावा किया है कि AAP विधायक इमरान हुसैन भी मुस्लिम भीड़ का समर्थन करने वालों में से थे जिन्होंने मंदिर को निशाना बनाया। गवाह ने आरोप लगाया कि AAP विधायक ने उपद्रवियों को अपना समर्थन दिया। मुसलमानों ने मंदिर मे तोड़फोड़ की और उसके बाद वहां से एक 17 वर्षीय युवक को अगवा कर लिया।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस घटना पर पूरी तरह चुप्पी बनाए रखी है।
आज के भारत में दिल्ली के चांदनी चौक की यह घटना बहुत पीड़ा दायक है। यह हमें उस अपमान की याद दिलाता है जो हमारे पूर्वजों ने भारत में हिंदू होने के लिए झेला था।

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