भारत ने पाकिस्तान के लिए समय सीमा तय की

Financial Action Task Force (एफ.ए.टी.एफ) रिपोर्ट के बारे में एक मीडिया प्रश्न के जवाब में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि एफ.ए.टी.एफ. ने पाकिस्तान को उसके अनुपालन दस्तावेज (यानी ग्रे लिस्ट) पर जारी रखने का फैसला किया है, ऐसा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह (आई.सी.आर.जी) की रिपोर्ट के आधार पर किया गया है ।  अंतर्राष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह (आईसीआरजी) की रिपोर्ट के अनुसार  पाकिस्तान अभी तक टेरर फंडिग पर कार्रवाई करने में विफल रहा है।

भारत ने कहा है कि वह पाकिस्तान से सितंबर 2019 तक एफ.ए.टी.एफ. मानदंडों का पालन करने की उम्मीद करता है। भारत ने पाकिस्तान के अपनी धरती पर आतंकी संगठनों के वित्तपोषण (टेरर फंडिग) के लिए एफ.ए.टी.एफ के पाकिस्तान पर कटाक्ष का स्वागत किया है।

शुक्रवार को, एफ.एटी.एफ. ने पाकिस्तान को चेतावनी जारी की और कहा कि वे आतंक के वित्तपोषण पर अपनी कार्य योजना को पूरा करने में विफल रहे हैं। एफ.एटी.एफ. ने अक्टूबर तक अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने या कार्रवाई का सामना करने के लिए इस्लामाबाद को कड़ी चेतावनी जारी की है, जिससे संभवत: पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में सूचीबद्ध किया जा सकता है।

पेरिस स्थित वैश्विक संस्था -Financial Action Task Force (एफ.ए.टी.एफ) आतंकवाद के वित्तपोषण और धन शोधन – (Money Laundering) पर रोक लगाने के लिए काम कर रही है और उसने पाकिस्तान से देश में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के संचालन का फिर से आंकलन करने के लिए कहा है।
पिछले साल जून में, एफ.ए.टी.एफ. ने पाकिस्तान को उन देशों की ग्रे सूची में रखा था, जिनके घरेलू कानूनों को धन शोधन (Money Laundering) और आतंकवाद के वित्तपोषण की चुनौतियों से निपटने के लिए कमजोर माना जाता है।

2012 में पिछली ग्रे लिस्टिंग के परिणामस्वरूप पाकिस्तान ने लश्कर ए तैयबा (LET), जमात उद दावा (JUD), फलाह-ए-इन्सानियत फाउंडेशन (FIF) और जैश ए मोहम्मद (JEM) की 700 से अधिक संपत्तियों को जब्त की हैं।  पाकिस्तान का मानना है की ऐसा करके उसने काफी काम किया है। ।
हालांकि, एफ.ए.टी.एफ. के सदस्य चिंतित हैं कि हाफिज सईद और अजहर मसूद और अन्य संयुक्त राष्ट्र नामित आतंकवादियों के खिलाफ पाकिस्तान में  अब तक कोई मामला दर्ज नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *