सही था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रडार पर दिया बयान

हाल ही में  न्यूज़ नेशन नामक एक हिंदी न्यूज़ चैनल को दिए साक्षात्कार में, मोदी ने कहा कि उन्हें विज्ञान का ज्यादा ज्ञान नहीं है परंतु जो भी जानकारी उन्हें है उसके आधार पर वायु सेना को बादलों के होने से, पाकिस्तानी रडारों से बचने में सहायता मिल सकती है, जबकि रक्षा विशेषज्ञ चाहते थे कि खराब मौसम के कारण हवाई हमले को स्थगित कर दिया जाए।

प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान के लिए विपक्षी पार्टियों ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री का काफी मजाक उड़ाया। पर आपको जानकर आश्चर्य होगा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान गलत नहीं था तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार बादलों और बारिश का रडार की परफॉर्मेंस पर बहुत प्रभाव पड़ता है।

रडार सिस्टम ट्रांसमिटिंग फ्रिकवेंसी की एक विस्तृत बेंड में काम करते हैं। रडार प्रणाली की फ्रिकवेंसी जितनी अधिक होती है, उतनी ही यह बारिश या बादलों जैसे मौसम की स्थितियों से प्रभावित होती है।

एयर सर्विलेंस रडार प्रतिकूल मौसम की स्थिति में एक्यूरेसी पर समझौता करके और S- बैंड (2-4 हर्ट्ज) में संचालित करके संतुलन बनाने का प्रयास करते हैं। हालांकि, इस फ्रिकवेंसी में भी, इसकी क्षमता वातावरण में भारी बारिश, कोहरे और बादलों के लिए अतिसंवेदनशील रहती है और क्षीणन (Attenuation) बहुत अधिक हो सकता है। हालांकि रडार बादलों के माध्यम से वस्तुओं का पता लगाने में सक्षम हैं, परंतु यह वैज्ञानिक तथ्य है कि आसमान साफ ​​होने पर उनकी दक्षता बेहतर होती है।

पाकिस्तान के संदर्भ में मोदी का बयान बिल्कुल सही है क्योंकि पाकिस्तानी एयर फोर्स मुख्यतः दो तरह के रडार इस्तेमाल करती है : डॉपलर रडार और जिराफ (GIRAFFE) ।

डोपलर राडार L – बैंड की फ्रिकवेंसी में ऑपरेट करता है और जिराफ राडार L – बैंड और S- बैंड की  फ्रेक्वेंसीस में ऑपरेट करके अपनी परफॉरमेंस बेहतर बनाता है। बादल और वर्षा का डोप्पलर राडार पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है इसके विपरीत जिराफ राडार इस तरह की परिस्थिति में भी बेहतर कार्य करता है, पर उसकी भी छमता पर बादल और वर्षा का असर होता है । और पाकिस्तान के पास जो एयर डिफेन्स सिस्टम है वो बादल और वर्षा की परिस्थिति में उपयोग नहीं किया जा सकता । इसका अर्थ यह है की अगर उनके जिराफ राडार इंडियन एयर फाॅर्स के फाइटर जेट्स को डिटेक्ट कर भी लेते तो वे उनको बादल और वर्षा की स्थिति में टारगेट नहीं कर पाते। तो इस प्रकार बादलों के होने का एयर फाॅर्स स्ट्राइक में काफी फायदा मिला ।

पाकिस्तान के डिफेन्स मिनिस्टर – परवेज़ खटीक का बयान भी था की अँधेरा ज्यादा था इसलिए वे इंडियन एयरफोर्स के जेट्स को नहीं देख पाए । आपको बता दे अँधेरे से उनका इशारा क्लॉउडी वातावरण की तरफ ही था अन्यथा राडार तो अँधेरे में भी काम करते हैं ।

 

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