कांग्रेस का हाथ, घोटालेबाजों के साथ

मंगलवार को देश के सबसे बड़े न्यूज़ चैनल रिपब्लिक  टीवी ने एक सनसनीखेज खुलासे में यह बताया कि राहुल गांधी के संबंध घोटालेबाजों से रहे हैं। इस बेहद सनसनीखेज खुलासे में बताया गया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के संबंध 2जी घोटाले के आरोपी संजय चंद्रा से रहे और उन्होंने यूनिटेक के साथ भी पैसों का लेनदेन किया था।

अब बात करते हैं उस सनसनीखेज खुलासे की जिसे रिपब्लिक टीवी ने जनता के सामने लाने का साहस दिखाया है।

वर्ष 2013 में एक एनएसईएल घोटाला सामने आया था जिसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी और सीबीआई ने जांच के बाद जिग्नेश शाह नामक व्यक्ति के खिलाफ 150 पन्नों की चार्जशीट दायर की। इसके बाद जनवरी 2014 में मुंबई पुलिस ने 9000 पन्नों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की और अप्रैल 2015 में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने जिग्नेश शाह के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। जिग्नेश शाह पर धोखाधड़ी, आपराधिक षडयंत्र और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के उल्लंघन के गंभीर आरोप दायर  किए गए थे।

जिस समय एनएसीएल घोटाला हुआ था उस समय जिग्नेश शाह राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा को 60.30 लाख रूपए एक फार्म हाउस के किराए के एवज में दे रहा था। यह किराया जिग्नेश शाह ₹670000 की मासिक किस्त के तौर पर चेक के जरिए कर रहा था।

यह फार्म हाउस, जिसके मालिक राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हैं; दिल्ली के महरौली के सुल्तानपुर गांव में है। इंदिरा गांधी फॉर्म हाउस नामक यह फार्महाउस 4.6 एकड़ क्षेत्रफल का है।

हैरान कर देने वाली बात यह है की 2009 के चुनाव में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के सामने जो हलफनामा दायर किया था उसके मुताबिक इस फॉर्म हाउस की कीमत 9.86 लाख रुपये थी। जबकि इसी फार्म हाउस का किराया राहुल गांधी जिग्नेश शाह से 60.30 लाख रुपए प्रति वर्ष वसूल रहे थे। यानी फार्म हाउस का वार्षिक किराया फॉर्म हाउस की कीमत से लगभग 6 गुना था यह कैसे संभव हो सकता है। जिग्नेश शाह ने इस प्रॉपर्टी की कीमत से 405 परसेंट ज्यादा रुपया डिपॉजिट मनी के तौर पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को दिया था।

 

 

 

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