अगस्त्य संहिता में इलेक्ट्रिक बैटरी बनाने की विधि का वर्णन

हमारे प्राचीन शात्र – अगस्त्य संहिता में इलेक्ट्रिक बैटरी बनाने की विधि का वर्णन किया गया है, और उससे पानी को ऑक्सीजन और हाइड्रोजन में विभाजित किया जा सकता है।

आधुनिक बैटरी सेल, बिजली पैदा करने की अगस्त्य विधि से मिलता जुलता है।

बिजली पैदा करने के लिए, ऋषि अगस्त्य ने निम्नलिखित सामग्री का उपयोग किया था:

  1. एक मिट्टी के बर्तन
  2. कोपर प्लेट – ताम्र पट्टिका
  3. कोपर सल्फेट – शिखिग्रीवा
  4. गीली काष्ट पांसुलकडी का बुरादा
  5. जिंक अमलगम – पारा तथा जस्ता लोष्ट

 

 

अगस्त्य संहिता के अनुसारः

संस्थाप्य मृण्मये पात्रे ताम्रपत्रं सुसंस्कृतम्‌।

छादयेच्छिखिग्रीवेन चार्दाभि: काष्ठापांसुभि:॥

दस्तालोष्टो निधात्वय: पारदाच्छादितस्तत:।

संयोगाज्जायते तेजो मित्रावरुणसंज्ञितम्‌॥

 

जिसका अर्थ है, “मिट्टी के बर्तन में अच्छी तरह से साफ की हुई तांबे की प्लेट (ताम्र पट्टिका) रखें। इसे पहले कॉपर सल्फेट (शिखिग्रीवा) और फिर नम लकडी के बुरादे (गीली काष्ट पांसु)से कवर करें। उसके बाद, ध्रुवीकरण से बचने के लिए बुरादे के ऊपर एक पारा-अमलगमेटेड जस्ता शीट ( या पारा तथा जस्ता लोष्ट) डालें। इनका संपर्क –  विद्युत ऊर्जा का उत्पादन करेगा।  जिसे अगस्त्य संहिता में मित्र-वरुण ऊर्जा कहा गया है। इस ऊर्जा धारा प्रवाह द्वारा पानी का विभाजन – प्राणवयु और उदानवायु में हो जाएगा। एक सौ जार की इस प्रकार की एक श्रृंखला एक बहुत प्रभावी विद्युत बल उतपन्न कर सकता है। (अगस्त्य संहिताः पृष्ठ 422)

जब अगस्त्य संहिता के अनुसार एक सेल तैयार किया गया और मापा गया, तो यह 1.138 वोल्ट के रूप में ओपन सर्किट वोल्टेज देता है, और शॉर्ट सर्किट करंट 23 mA होता है।

विद्युत अपघटन के संदर्भ में ऋषि अगस्त ने कही है कि —

अनेन जलभंगोस्ति प्राणो दानेषु वायुषु ।

एवं शतानां कुंभानांसंयोगकार्यत्स्मृतः।।

                                   अगस्त संहिता

अर्थात् —

सौ कुंभों की शक्ति का पानी पर प्रयोग करेंगे, तो पानी अपने रूप को बदल कर प्राण-वायु तथा उदान-वायु में परिवर्तित हो जायेगा।

 

वायुबन्धकवस्त्रेण निबद्धो यानमस्तके

उदानः स्वलघुत्वे बिभर्त्याकाशयानकम् ।

           ( अगस्त संहिता शिल्प शास्त्र सार)

अर्थात् —

उदान वायु को वायु प्रतिबन्धक वस्त्र में रोका जाये तो यह विमान विद्या के काम में आता है।

 

One thought on “अगस्त्य संहिता में इलेक्ट्रिक बैटरी बनाने की विधि का वर्णन

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