कांग्रेस का बोइंग घोटाला

न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी 30 दिसंबर 2018 की एक रिपोर्ट में दावा किया है कि एक बड़े यूक्रेनियन बिजनेस हाउस ने इंडियन ऑफिशल्स और कांग्रेस के राज्य सभा एमपी केवीपी रामचंद्र राव को आंध्र प्रदेश में टाइटेनियम माइनिंग के कॉन्ट्रैक्ट को हासिल करने के लिए रिश्वत दी। इस खुलासे ने एक बार फिर कांग्रेस और राहुल गांधी को कटघरे में खड़ा कर दिया है, जो लोकसभा में बार-बार रफाल को लेकर हल्ला मचा रहे हैं।

 

यह घोटाला 2006 में शुरू हुआ जब बोइंग कंपनी को अपने बेहद महत्वाकांक्षी विमान ड्रीमलाइनर 787 के आर्डर कंप्लीट करने के लिए टाइटेनियम धातु की आवश्यकता थी। ड्रीमलाइनर विमानों की बढ़ती मांग को देख टाइटेनियम के दाम विश्व में पहले के मुकाबले काफी बड़ गए। ऐसे में बोइंग ने इंडिया से टाइटेनियम माइनिंग कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने की कोशिश की। इसके लिए बोइंग ने मैकेंजी एंड कंपनी, जो कि एक कंसलटिंग फर्म है, उसको हायर किया।बोइंग ने मैकेंजी से 500 मिलियन डॉलर प्रति वर्ष की लागत का एक प्रपोजल तैयार करने के लिए कहा, जिसके द्वारा इंडिया से टाइटेनियम हासिल किया जा सके।

बोइंग के भारत में टाइटेनियम के माइनिंग कांटेक्ट को प्राप्त करने के लिए भारत में कुछ ऑफिसर और राजनेताओं को रिश्वत देने के मामले के न्यू यॉर्क टाइम्स के खुलासे के बाद मैकेंजी ने माना है कि टाइटेनियम माइनिंग कांटेक्ट हासिल करने के लिए इंडियन ऑफिसर और राजनेताओं को रिश्वत दी गई। इसके अलावा ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं जो यह स्थापित करते हैं कि कांग्रेस की पिछली सरकार ने एमएमआरसीए डील मे भी बोइंग को सहायता की डील प्राप्त करने में, जहां पर बोइंग और रफाल कंपटीशन में थे। यूपीए सरकार के बोइंग को और भी कई डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट में फेवर करने के तथ्य सामने आए हैं।

2 thoughts on “कांग्रेस का बोइंग घोटाला

  1. gamefly says:

    Undeniably believe that which you said. Your favorite justification appeared to be on the
    internet the easiest thing to be aware of. I say to you, I certainly get irked while people consider
    worries that they plainly do not know about.
    You managed to hit the nail upon the top and also defined out
    the whole thing without having side-effects , people could take a
    signal. Will likely be back to get more. Thanks

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *