सच्चा गुरु आपके अंतर्मन में विद्यमान है उसे पहचानिये !


अपने अंतर्मन में विद्यमान ब्रह्म गुरु का अनुसरण करिये !

सनातन धर्म में आदिकाल से ही गुरु का बहुत महत्व रहा है। गहन तपस्या और ज्ञान अर्जन के बाद ही कुछ संत ब्रह्म गुरु कहलाते थे जो साधारण जन मानस को सही पथ पर चलने और सही जीवन मूल्यों का ज्ञान देते थे। हर सम और विसम परिस्थिति में साधारण जन मानस का मार्ग दर्शन करते थे ।

भगवान श्री कृष्ण ने भी महाभारत के युद्ध में कुरुक्षेत्र में अर्जुन को सत्य और न्याय के पथ पर चलने का ब्रह्म ज्ञान दिया था जिसे हम आज श्रीमद भगवत गीता के रूप मैं जानते  हैं।

 

 

प्राचीन काल में वैदिक साहित्य को प्राप्त करना सरल नहीं था, यह एक जटिल प्रक्रिया होती थी, ग्रह त्याग कर व्यक्ति को गुरु कुल में ब्रह्म गुरुओ के सानिध्य में रहना होता था, और गुरु के प्रवचन के माध्यम से ही व्यक्ति को वैदिक ज्ञान प्राप्त होता था ।

परतुं आज के समय में ऐसा नहीं है, सभी वैदिक पुस्तके आसानी से प्राप्त की जा सकती है। सभी वैदिक पुस्तकों के लगभग सभी भाषाओं में अनुवाद भी उपलब्ध हैं। तो यदि आप ब्रह्म ज्ञान के इक्षुक है तो स्वयं पुस्तके पढ़िए और ज्ञान अर्जित करिये।

 

 

आज के समय मे ब्रह्म गुरु को प्राप्त करना एक मृग तृस्ना ही है, और इसीलिए आज कल बहुत सारे ढोंगी गुरु अपनी दुकाने चला रहे है, यद्यपि सभी गुरु ऐसे नहीं हैं कुछ वाकई ब्रह्म गुरु भी हैं । पर ज्यादातर ढोंगी ही हैं, और हम ऐसे ढोंगी गुरुओ के द्वारा ठगे जाते है ।

ऐसे ढोंगी धर्म गुरुओ की अंध भक्ति करने के बजाय यदि हम स्वयं वैदिक पुस्तके पढ़ना शुरू करे और अपने अंतर्मन में ध्यान लगाए तो हम पाएंगे की सच्चा ब्रह्म गुरु तो हमारे अंतर्मन में ही विद्यमान है।

अपने अंतर्मन में विद्यमान ब्रह्म गुरु का अनुसरण करना शुरू कीजिये ढोंगी गुरुओ की दुकाने अपने आप बंद हो जाएंगी ।

8 thoughts on “सच्चा गुरु आपके अंतर्मन में विद्यमान है उसे पहचानिये !

  1. gamefly says:

    When I originally commented I clicked the “Notify me when new comments are added”
    checkbox and now each time a comment is added I get four e-mails with the same
    comment. Is there any way you can remove me from that service?
    Appreciate it!

  2. gamefly free trial says:

    When I originally commented I clicked the “Notify me when new comments are added” checkbox and now each time a comment is added
    I get three e-mails with the same comment. Is there any way you can remove me from that service?
    Thanks a lot!

  3. gamefly says:

    What’s up, this weekend is pleasant designed for me, because this point in time
    i am reading this impressive informative post here at my residence.

  4. minecraft download says:

    Excellent blog right here! Also your website so much up very fast!
    What host are you the usage of? Can I get your affiliate hyperlink to your host?
    I wish my website loaded up as quickly as yours
    lol

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *