ताज महल या तेजोमहालय !


ताजमहल – हिन्दू शिवमन्दिर ?

समय समय पर ये विवाद बार बार उठता है की ताज महल शाहजहाँ द्वारा बनवाया गया मकबरा है या ये कोई प्राचीन शिव मंदिर है।

कई बार इस तरह के दावे किये गए हैं की यह वास्तव मैं एक शिव मंदिर – तेजोमहालय है।
आइये देखें इन दावों और तथ्यों को, कितना महत्व है इनका।

उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग के अनुसार ताज महल को मुगल बादशाह शाहजहां ने 1628-1658 में अपनी बेगम मुमताज की याद में बनवाया था। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अनुसार भी ताजमहल को अकबर के पोते शाहजहां ने मुमताज की याद में बनवाया था।
उन्होंने अपनी मुहब्बत को संगमरमर के इस बेमिसाल ईमारत में हमेशा के लिए कैद कर दिया। ताज महल को देखने दुनिया भर से आने वाले पर्यटक इसी कहानी को जानते हैं।

प्रसिद्ध इतिहासकार श्री पुरुषोत्तम नागेश ओक ने अपनी किताब “ताजमहल ए हिन्दू टेम्पल” में कई तथ्य उजागर किये हैं कि ताजमहल एक मकबरा नहीं बल्कि शिव मंदिर है।
इतिहासकार श्री पुरुषोत्तम नागेश ओक की किताब के अनुसार, ताजमहल एक शिव मंदिर है जिसका असली नाम तेजो महालय है व इसे वर्ष 1192 में राजा परमार्दिदेव ने बनवाया था।
इतिहासकार श्री पुरुषोत्तम नागेश ओक के मुताबिक ये इमारत एक मंदिर थी, जिसमें अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर शिवलिंग की पूजा होती थी। शाहजहां ने इसे राजपूत राजा जयसिंह से हासिल किया था। शाहजहां की बेगम मुमताज महल का असली मकबरा बुरहानपुर में था। शाहजहां ने कब्जे के बाद मुमताज को वहां दफन कर शिव मंदिर को ही मकबरे में बदल दिया था।

ताजमहल के हिन्दू शिवमन्दिर होने के पक्ष में ओक के तर्क

श्री पुरुषोत्तम नागेश ओक अपनी पुस्तक “ताजमहल ए हिन्दू टेम्पल” में सौ से भी अधिक कथित प्रमाण एवं तर्क देकर दावा करते हैं कि ताजमहल वास्तव में शिव मन्दिर था जिसका असली नाम ‘तेजोमहालय’ हुआ करता था। इस सम्बन्ध में उनके निम्न तर्क विचारणीय हैं:

  • किसी भी मुस्लिम इमारत के नाम के साथ कभी महल शब्‍द प्रयोग नहीं हुआ है।
  • ‘ताज’ और ‘महल’ दोनों ही संस्कृत मूल के शब्द हैं।
  • संगमरमर की सीढ़ियाँ चढ़ने के पहले जूते उतारने की परम्परा चली आ रही है जैसी मन्दिरों में प्रवेश पर होती है जब कि सामान्यतः किसी मक़बरे में जाने के लिये जूता उतारना अनिवार्य नहीं होता।
  • संगमरमर की जाली में 108 कलश चित्रित हैं तथा उसके ऊपर 108 कलश आरूढ़ हैं, हिंदू मन्दिर परम्परा में (भी) 108 की संख्या को पवित्र माना जाता है।
  • ताजमहल शिव मन्दिर को इंगित करने वाले शब्द ‘तेजोमहालय’ शब्द का अपभ्रंश है। तेजोमहालय मन्दिर में अग्रेश्वर महादेव प्रतिष्ठित थे।
  • ताज के दक्षिण में एक पुरानी पशुशाला है। वहाँ तेजोमहालय के पालतू गायों को बाँधा जाता था। मुस्लिम कब्र में गौशाला होना एक असंगत बात है।
  • ताज के पश्चिमी छोर में लाल पत्थरों के अनेक उपभवन हैं जो कब्र की तामीर के सन्दर्भ में अनावश्यक हैं।
  • संपूर्ण ताज परिसर में 400 से 500 कमरे तथा दीवारें हैं। कब्र जैसे स्थान में इतने सारे रिहाइशी कमरों का होना समझ से बाहर की बात है।

 

वैधानिक प्रतिक्रिया

सन 2000 में ओक ने याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने ताज को एक हिन्दू स्मारक घोषित करने एवं कब्रों तथा सील्ड कक्षों को खोलने, व यह देखने कि उनमें शिव लिंग, या अन्य मन्दिर के अवशेष हैं, या नहीं; की अपील की।
सन 2000 में भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने ओक की इस याचिका को कि ताज को एक हिन्दू राजा ने निर्माण कराया था रद्द कर दिया ।

सन 2005 में ऐसी ही एक याचिका इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा भी रद्द कर दी गयी, जिसमें अमरनाथ मिश्र, एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा यह दावा किया गया था, कि ताज को हिन्दू राजा परमार देव ने 1196 में निर्माण कराया था।

सन 2015 में लखनऊ के अधिवक्ता श्री हरी शंकर जैन और आगरा के अधिवक्ता श्री राजेश कुल्श्रेष्ठ ने भी आगरा सिविल जज की अदतलत में इस प्रकार की याचिका दायर की थी जो खरिज कर दी गयी।

 

 

6 thoughts on “ताज महल या तेजोमहालय !

  1. gamefly free trial says:

    May I simply just say what a comfort to discover a person that actually
    knows what they are talking about on the internet. You certainly realize how to bring a problem to light and
    make it important. More and more people ought to read
    this and understand this side of your story. I was surprised you are not more popular
    since you most certainly possess the gift.

  2. gamefly says:

    We absolutely love your blog and find most of your post’s to be what precisely I’m looking for.

    Do you offer guest writers to write content for yourself? I wouldn’t mind creating a post or elaborating on a few of the
    subjects you write concerning here. Again, awesome weblog!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *